April NOT Fool
Umapwellness की ओरसे मे, इस नव वर्ष के प्रथम लेखमें आपका अभिवादन करता हूँ👏। मार्च एंडिंगकी 😟कमरतोड़ मेहनतके बाद, अप्रैल मासका प्रथम दिवस हम सब "अप्रैल फुल" बनते और बनाते है😜, अप्रैल माह के इस अंतिम सप्ताहमें इस लेख द्वारा हमारी कोशिश है की, इस समयको हम आत्म जागरूकता (Self Awareness) में व्यतीत कर "April Fool" की इस परम्परा को व्यक्तिगत रूपसे बदले। अब आप सोच रहे होंगे इस परम्परा का हेल्थ से क्या सम्बन्ध है???
तंदुरुस्त तन और मन के लिए इंसान का खुश होना बहोत ज़रूरी है। ख़ुशी या सुकून, दोनों ही, एहसास है, जिनकी कोई व्याख्या नहीं है, वो हर व्यक्तिकी चाहत और सूझबूझके अनुरूप होती है। आजके इस गतिशील युग में दौलत, शोहरत, और इज़्ज़तको कमानेकी रेस में हम सभी दौड़ रहे हैं, पर क्या हमें इन चीज़ों से सुकून मिलता है? ख़ुशी मिलती है?😐😕
चार महीनो पहले, नए साल का स्वागत करते हुए 💣💥💫😃😃😃 हम में से कितनोने ये बात अपने आप से पूछी थी, और संकल्प किया था की इस आने वाले समय में हम वो प्रवृति करेंगे जिससे हमें ख़ुशी मिले। पश्चिमी संस्कृति में इसे Newyear Resolution कहते हैं।
आइये जानते हैं, दुनियामें लोगों को किन बातों से ख़ुशी मिलती है,
नीलसन के सर्वेक्षण मुताबिक, 2015 में,
तंदुरुस्त तन और मन के लिए इंसान का खुश होना बहोत ज़रूरी है। ख़ुशी या सुकून, दोनों ही, एहसास है, जिनकी कोई व्याख्या नहीं है, वो हर व्यक्तिकी चाहत और सूझबूझके अनुरूप होती है। आजके इस गतिशील युग में दौलत, शोहरत, और इज़्ज़तको कमानेकी रेस में हम सभी दौड़ रहे हैं, पर क्या हमें इन चीज़ों से सुकून मिलता है? ख़ुशी मिलती है?😐😕
चार महीनो पहले, नए साल का स्वागत करते हुए 💣💥💫😃😃😃 हम में से कितनोने ये बात अपने आप से पूछी थी, और संकल्प किया था की इस आने वाले समय में हम वो प्रवृति करेंगे जिससे हमें ख़ुशी मिले। पश्चिमी संस्कृति में इसे Newyear Resolution कहते हैं।
आइये जानते हैं, दुनियामें लोगों को किन बातों से ख़ुशी मिलती है,
नीलसन के सर्वेक्षण मुताबिक, 2015 में,
- 12% लोगोंने अधिक पढ़ने का संकल्प किया,
- 14% लोगोंने अधिक यात्रा करने का संकल्प किया ,
- 14% लोगोंने कुछ नया सीखने का संकल्प किया,
- 18% लोगोंने सेल्फ ऑर्गनाइज़्ड होनेका संकल्प किया,
- 25% लोगोंने कम खर्च करने का संकल्प किया,
- 32% लोगोंने वजन कम करने का संकल्प किया,
- 37% लोगोंने स्वस्थ रहने का संकल्प किया, और
- 19% लोगोंने परिवार एवं दोस्तों के साथ अधिक समय बिताने का संकल्प किया,
- 16% लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने ये फैसला किया है कि वे कोई संकल्प नहीं करेंगे।
बँधमुट्ठी से सरकती रेतसा ये अप्रैल अपने साथ सालका एक चौथाई हिस्सा ले जाएगा। आज, आप सब में कितनो ने अपने संकल्पको पूर्णत न्याय दिया होगा💪😎, उनको अपनी कर्त्तव्य परायणता पर हम मुबारकबाद देते हैं👏, और कितने ऐसे भी हैं जो अपने जीवन में दूसरी प्राथमिकताओंकी वजहसे उस संकल्प को समय नहीं दे पाए है😔, अगर आप उनमे से एक हैं और इस लेख को पढ़ रहे हैं तो निराश मत होइए😊। हमें ये बताते ख़ुशी हो रही है की उस संकल्प की राह पर आपने अपना पहला कदम रख दिया है, वर्ष का तीन चौथाई समय अबभी शेष है और पूर्ण निष्ठां और परिश्रम से किसी भी सपनेको साकार किया जा सकता है💪। हमारी आपसे दरख्वास्त है की आप उस संकल्प या उस प्रवृति जो आपको ख़ुशी, सुकून या संतोष दे सकती है उसके बारे सोचे और उसे एक कागज़ पर लिख कर रख ले। आने वाले हफ्ते में उसे दिनके हर पहरकी समाप्ति पर एक बार देखें। लिख कर रखले और देखे?????? इससे कोई लाभ होगा?? जी हाँ ज़रूर होगा, इस प्रवृति को करने से आप अपने अवचेतन दिमाग यानि के Subconscious Mind को अपने संकल्पकी याद दिलाते रहेंगे और वो अपने अंदर रही सारी जानकारीओं दी मदद से उस संकल्प को पूरा करने का मार्ग बना कर उस मार्ग से आपको अवगत करवाएगा.
घडीकी सुइयां, और जिम्मेदारियोंका संतुलन शायद हमें अपने बारेमें सोचनेका अवसर नहीं देता या फिर ये कहें की हम ये अवसर नहीं निकाल पाते। हम सभी जानते हैं की समय कभी नहीं निकलता, उसे निकालना पड़ता है।
हम ज़रूर जानना चाहेंगे की ओर कोनसी प्रवृति है जिससे आपको ख़ुशी मिलती है
हम ज़रूर जानना चाहेंगे की ओर कोनसी प्रवृति है जिससे आपको ख़ुशी मिलती है
बहुत अच्छा आर्टिकल है परेश जी । हमने तो सोचा था कि अप्रैल में सिर्फ लोगो को फूल ही बनाया जाता है । संकल्प वाला पॉइंट बहुत अच्छा है ।
ReplyDeleteपरेश,
ReplyDeleteउत्तम परिकल्पना व शब्द संयोजन भी खूब है ।
पढ़कर खुश हुं ।
~मनोज पारवाणी